समस्या #1
OPD समय की अनिश्चितता
मरीजों को डॉक्टर के क्लीनिक आने-जाने के सटीक समय की जानकारी नहीं होती, जिससे उन्हें अस्पताल में घंटों खाली बैठकर अपना कीमती समय बर्बाद करना पड़ता है।
मिस कॉल से लेकर मैन्युअल रिकॉर्ड तक — जानें वो सभी समस्याएँ जो आपके क्लिनिक की ग्रोथ रोक रही हैं और उनका स्मार्ट डिजिटल समाधान।
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ये समस्याएँ सिर्फ परेशानी नहीं हैं — ये आपके मरीजों का भरोसा और आपकी आमदनी दोनों को कम करती हैं।
समस्या #1
मरीजों को डॉक्टर के क्लीनिक आने-जाने के सटीक समय की जानकारी नहीं होती, जिससे उन्हें अस्पताल में घंटों खाली बैठकर अपना कीमती समय बर्बाद करना पड़ता है।
समस्या #2
सुबह OPD शुरू होते ही एक साथ दर्जनों कॉल आते हैं — रजिस्ट्रेशन, टोकन और फीस में व्यस्त स्टाफ अधिकांश कॉल नहीं उठा पाता। मरीज निराश होकर दूसरी जगह चले जाते हैं।
समस्या #3
काउंटर पर स्टाफ की व्यस्तता के कारण मरीजों के फोन नहीं उठाए जाते। दूर से आने वाले मरीजों को सही जानकारी नहीं मिल पाती और उनका भरोसा टूटता है।
समस्या #4
टेलीफोनिक बुकिंग न होने के कारण मरीजों को "आकर ही नंबर लगेगा" कह दिया जाता है, जो बुजुर्गों और गंभीर रोगियों के लिए एक बड़ी चुनौती है।
समस्या #5
घंटों इंतजार करने से मरीज और परिजन चिड़चिड़े हो जाते हैं, जिसका परिणाम अक्सर अस्पताल स्टाफ के साथ तीखी बहस या झगड़े के रूप में सामने आता है।
समस्या #6
मरीजों को पता नहीं होता कि अभी कौन सा नंबर चल रहा है। वे बार-बार काउंटर पर जाकर पूछते हैं, जिससे स्टाफ का काम बाधित होता है और तनाव बढ़ता है।
समस्या #7
पुराने रजिस्टर और कागज की पर्चियों पर सारा रिकॉर्ड — यह तरीका न केवल धीमा है बल्कि डेटा के फटने, खोने या गलत दर्ज होने का खतरा हमेशा बना रहता है।
समस्या #8
दिन के अंत में जमा फीस का मैन्युअल हिसाब करने में स्टाफ का काफी समय बर्बाद होता है और अक्सर टोटल मिलान में मानवीय गलतियाँ हो जाती हैं।
समस्या #9
डॉक्टर के पास नए या पुराने मरीजों का कोई डिजिटल रिकॉर्ड नहीं होता। इस डेटा के बिना क्लिनिक की ग्रोथ का सही आंकलन करना असंभव है।
समस्या #10
एक साथ रजिस्ट्रेशन, कॉल अटेंड, फीस और मरीजों के सवाल — स्टाफ इतना व्यस्त रहता है कि गलतियाँ होना स्वाभाविक हो जाता है। नतीजा: मरीजों की नाराजगी और स्टाफ का बर्नआउट।
आपकी क्लिनिक की हर समस्या के लिए एक स्मार्ट फीचर, डिज़ाइन किया गया भारतीय डॉक्टरों के लिए।
वेटिंग रूम में TV पर real-time टोकन नंबर — मरीज काउंटर पर बार-बार आना बंद करते हैं।
मरीज अपने मोबाइल से अपना लाइव नंबर देख सकते हैं — घर से या पार्किंग से।
10 सेकंड से कम में OPD रजिस्ट्रेशन और टोकन — काउंटर की भीड़ तुरंत कम।
डॉक्टर की उपस्थिति और बारी का अपडेट सीधे मरीज के WhatsApp पर — मिस कॉल खत्म।
दिन के अंत में पूरी फीस और मरीज संख्या की ऑटो रिपोर्ट — कोई मैन्युअल हिसाब नहीं।
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